“परमहंस योगानंद: एक महान संन्यासी” एक प्रेरक और ज्ञानपूर्ण कृति है जो दुनिया भर में आध्यात्मिकता का स्वरूप बदलने वाले महान योगी परमहंस योगानंद के जीवन, साधना, विचारों और अध्यात्मिक यात्रा को अद्भुत सरलता और गहराई के साथ प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक पाठक को उस महान व्यक्तित्व के भीतर ले जाती है, जिसने योग, ध्यान और क्रियायोग को केवल पूर्व का ज्ञान नहीं रहने दिया, बल्कि पश्चिमी जगत में भी उसका प्रकाश फैलाया।
इस पुस्तक में योगानंद जी के बचपन से लेकर उनके आध्यात्मिक जागरण, गुरुओं के साथ उनके दिव्य अनुभवों, आत्म-साक्षात्कार की उनकी खोज, सेवा-भाव से भरपूर जीवन और विश्व-कल्याण के उनके दृष्टिकोण का सुंदर और प्रेरक वर्णन मिलता है।
यह कृति केवल जीवनी नहीं—आध्यात्मिक साधना, आंतरिक जागरण, मन की शांति, आत्म-शक्ति और अनंत चेतना की खोज की एक जीवंत यात्रा है।
जो पाठक योग, ध्यान, आत्म-विकास, आध्यात्मिक विज्ञान और संतों के जीवन से प्रेरणा लेना चाहते हैं, उनके लिए यह पुस्तक अमूल्य है।
यह मन, शरीर और आत्मा को जोड़कर जीवन का अर्थ समझने वाली एक गहन आध्यात्मिक मार्गदर्शिका है।
PUBLISHER:HINDI POCKET BOOKS
BINDING: PAPER BACK
LANGUAGE: HINDI
PAGES: 192

