"परिवार, निजी संपत्ति और राज्य की उत्पत्ति" फ्रेडरिक एंगेल्स की एक क्रांतिकारी समाजशास्त्रीय और दार्शनिक रचना है जिसने मानव सभ्यता, सामाजिक संरचना और राजनीतिक संस्थाओं के विकास की मूल जड़ों को उजागर किया।
यह पुस्तक बताती है कि कैसे परिवार, निजी संपत्ति और राज्य का गठन इतिहास में उत्पादन संबंधों, श्रम विभाजन, और वर्ग-संघर्ष के साथ हुआ। एंगेल्स मार्क्स के सिद्धांतों को आगे बढ़ाते हुए यह स्पष्ट करते हैं कि मानव समाज का विकास एक ऐतिहासिक और भौतिकवादी प्रक्रिया है, न कि कोई प्राकृतिक या ईश्वरीय व्यवस्था।
यह पुस्तक समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, और नारीवाद के अध्ययन में मील का पत्थर है। आज के समय में जब असमानता, संपत्ति का केंद्रीकरण और परिवार की बदलती संरचना चर्चा के केंद्र में हैं, यह कृति पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।
PUBLISHER:PROGRESS PUBLISHERS MOSCOW
(PRAGATI PRAKSHAN)
BINDING: HARD COVER
LANGUAGE: HINDI
PAGES: 252

